हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): नशे की आपूर्ति की गुप्त सूचना पर संदिग्ध गाड़ी की जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर खूंखार कुत्ता छोड़कर हमला करवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुत्ते के हमले में एक पुलिस कर्मी के पेट पर गहरे जख्म हुए हैं। घायल जवान का मेडिकल करवाने के बाद उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया गया। पुलिस ने इस मामले में 3 पुरुषों और दो महिलाओं समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना पर पहुंची पुलिस, घर से निकला खूंखार कुत्ता
घटना रविवार रात करीब 10:30 बजे हमीरपुर के टियाला द घट क्षेत्र की बताई जा रही है। नशे की एक गाड़ी के माध्यम से सप्लाई किए जाने की गुप्त सूचना मिलने के बाद हमीरपुर पुलिस थाना और भोटा पुलिस सहायता कक्ष की टीम मौके पर पहुंची थी। सड़क किनारे एक संदिग्ध गाड़ी खड़ी थी और उसके दाहिनी तरफ एक रिहायशी मकान था। पुलिस टीम ने गाड़ी के पास जाकर आगे बैठे व्यक्ति से पूछताछ शुरू की।
पुलिसकर्मी के पेट पर गहरे जख्म
इसी दौरान आरोप है कि गाड़ी की पिछली सीट पर बैठा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर वहां से भागकर घर के अंदर चला गया। इसके बाद घर से कथित तौर पर एक खूंखार कुत्ते को बाहर निकालकर पुलिसकर्मियों पर हमला करवाया गया। इस दौरान 2 पुलिसकर्मियों ने किसी तरह खुद को कुत्ते के हमले से बचाया, लेकिन तीसरा पुलिसकर्मी उसकी चपेट में आ गया। कुत्ते ने उसके पेट में दांत गड़ा दिए, जिससे उसे गहरे जख्म हो गए।
आरोपियों ने कार्रवाई में बाधा डाली
मामले को उस समय और गंभीर बना दिया गया जब 2 महिलाएं भी मौके पर पहुंचीं और पुलिस की कार्रवाई में कथित तौर पर अवरोध पैदा करने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी के बयान के आधार पर कुल 5 लोगों- तीन पुरुष और दो महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, SP हमीरपुर बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस टीम को भोटा क्षेत्र में एक गाड़ी की जांच करने के लिए गुप्त सूचना मिली थी। टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद पांच लोगों ने पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया। एसपी के अनुसार, आरोप है कि लोगों ने पुलिस कार्रवाई के दौरान अपने पालतू कुत्ते को हमले के लिए इस्तेमाल किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी ने बताया कि मामले में धारा 132 और 121 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। घटना ने पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने और सरकारी ड्यूटी पर तैनात जवान पर जानवर से हमला करवाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि संदिग्ध गाड़ी में वास्तव में नशे की सामग्री थी या नहीं और मौके पर मौजूद पांचों लोगों की भूमिका क्या रही।
वहीं, अन्य मामले में शिमला में आवारा कुत्ते एक 20 महीने की मासूम बच्ची को घर के बाहर से घसीट ले गए। कुत्तों के हमले में घायल मासूम की जान 20-25 टांके लगाने के बाद बचाई जा सकी है।
(रिपोर्ट- कपिल ठाकुर)
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