गुजरात पुलिस की CID (क्राइम) की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने आयकर विभाग की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, राज्य की गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों (RUPPs) द्वारा चलाए जा रहे करोड़ों रुपये के फर्जी राजनीतिक चंदे और टैक्स चोरी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में कुल 4 अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें लगभग ₹2,284 करोड़ से अधिक के बोगस चंदे और ₹700 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी का गंभीर आरोप है।
यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, और दस्तावेजों की जालसाजी (Forgery) के लिए की गई है।
काम करने का तरीका-
FIR के मुताबिक, ये पार्टियां केवल कागजों पर चल रही थीं और कोई वास्तविक राजनीतिक गतिविधि नहीं कर रही थीं। इन्होंने करदाताओं (Taxpayers) से चंदा बैंक खातों में लिया और उन्हें धारा 80GGB/80GGC के तहत 100% टैक्स छूट की रसीदें थमा दीं। इसके बाद, फर्जी बिलों, फर्जी खर्चों और शेल कंपनियों के जरिए पैसा वापस निकाला गया और 4 से 10 फीसदी तक का कमीशन काटकर बाकी रकम दानदाताओं को कैश में वापस लौटा दी गई।
चारों FIR की पूरी डिटेल
1. पहली FIR: भारतीय नेशनल जनता दल (BNJD)
फर्जी चंदे की रकम: ₹1,143।85 करोड़ (वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच करीब 56,000 करदाताओं से लिया गया)।
अनुमानित टैक्स चोरी/नुकसान: लगभग ₹343 करोड़।
मुख्य आरोपी: पार्टी अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार विष्णुभाई गजेरा (जिन्हें मुख्य सूत्रधार बताया गया है), महासचिव विपुल सोलंकी, कोषाध्यक्ष रौनकसिंह चावड़ा और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आदिल सैयद।
2. दूसरी FIR: स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी (SAP)
फर्जी चंदे की रकम: ₹519 करोड़।
अनुमानित टैक्स चोरी/नुकसान: लगभग ₹155 करोड़।
मुख्य आरोपी: पार्टी के पदाधिकारी मेहुल कुमार महेशकुमार खत्री, सुरेंद्रसिंह परषोत्तमदास तिवारी और मुकुंदभाई चंदनसिंह राठौड़।
3. तीसरी FIR: गरीब कल्याण पार्टी (GKP)
फर्जी चंदे की रकम: ₹206.7 करोड़।
अनुमानित टैक्स चोरी/नुकसान: लगभग ₹62 करोड़।
मुख्य आरोपी: पार्टी अध्यक्ष नीरज कुमार क्षत्रिय, सचिव धनंजय सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष धीरज कुमार क्षत्रिय, पदाधिकारी अविनाश चंद्रकांत तिवारी, प्रदीप सिंह परिहार, और सीए (CA) कुलदीपचंदन पर्वतसिंह टापरिया, अशोककुमार राधेश्याम शाह व पंकज अग्रवाल।
4. चौथी FIR: सत्यवादी रक्षक पार्टी (SRP)
फर्जी चंदे की रकम: ₹415 करोड़।
अनुमानित टैक्स चोरी/नुकसान: करीब ₹124 करोड़।
मुख्य आरोपी: पार्टी के पदाधिकारी और संबंधित कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA)/चार्टर्ड अकाउंटेंट।
अनजान दलों को मिला डोनेशन
- भारतीय नेशनल जनता दल: 56,238 दाताओं से ₹1,143.85 करोड़ से अधिक का डोनेशन हासिल करके, 343 करोड रुपये की टैक्स चोरी करके सरकार के साथ धोखाधड़ी की- गांधीनगर CID क्राइम में पहली एफआईआर गांधीनगर के सेक्टर 11 में रजिस्टर्ड भारतीय नेशनल जनता दल यानी BNJD के खिलाफ दर्ज हुई है। आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर डॉ। राजेंद्र राज जेहरा राम की शिकायत पर भारतीय नेशनल जनता दल के अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार विठ्ठलभाई गजेरा, जनरल सेक्रेटरी विपुल सोलंकी, कोषाध्यक्ष रोनकसिंह चावड़ा, CA ऑडिटर आदिल सैयद के खिलाफ नामजद एफ़आईआर दर्ज करवाई है।
- भारतीय नेशनल जनता दल यानी BNJD के खिलाफ दर्ज एफ़आईआर के मुताबिक़, साल 2019-20 से 2024-25 के दौरान 56,238 दाताओं से ₹1,143.85 करोड़ से अधिक डोनेशन हासिल करके गुनाहित विश्वासघात किया। जिसकी वजह से 343 करोड रुपये की टैक्स चोरी करके भारत सरकार के साथ धोखाधड़ी की गई। आईटी की प्राथमिक जांच के मुताबिक आरोपियों ने फर्जी डोनेशन और टैक्स चोरी के इरादे से अलग अलग डोनर्स कमीशन एजेंट के माध्यम से बैंकिंग चैनल RTGS द्वारा BNJD पक्ष के अलग अलग बैंक खातों में रुपये जमा करवाए गए। जिसके लिए रुपये जमा किए जाने की फर्जी रसीद बनाकर नकली डोनेशन स्लीप दी जाती थी। इस रुपये को आरोपियों द्वारा राजनैतिक फंड के तौर पर बताया जा रहा था। जिससे दाता आईटी की धारा 80GGB और 80GGC के तहत 100 प्रतिशत टैक्स कटौती का फर्जी दावा करके लाभ हासिल करते थे।
- BNJD ने दान के नाम से आनेवाली रकम जे ट्रेडिंग, काजल एंटरप्राइजेज, परमार एसोसिएट्स और अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर करवाये। जिसके बदले में परचेज के फर्जी बील बनाकर पैसे जमा किए जाते थे। जिसके बाद बैंको से कैश उठाकर पहले से तय शर्त के मुताबिक 2 से 10 प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी के पैसे मूल दाताओं को आंगड़िया पेढ़ी या हवाला नेटवर्क के माध्यम से कैश वापिस कर दिए जाते थे।
- CID क्राइम के मुताबिक जांच के दौरान मुख्य आरोपी और BNJD के प्रेसिडेंट सुरेंद्र विठ्ठलभाई गजेरा कमीशन रेट तय करता, डमी कंपनियों के माध्यम से हवाला द्वारा कैश भेजने तक के पूरे नेटवर्क का संचालन और सुपरविजन करता था। जबतक सेक्रेटरी विपुल सोलंकी दाताओं की डिटेल सुरेंद्र गजेरा से व्हाट्सएप से हासिल करके फर्जी डोनेशन स्लीप बनाकर भेजता था। रौनक सिंह चावड़ा के घर से सर्च के दौरान हवाला की रसीद बरामद हुई है। रौनक के फ़ोन में से बिचौलिये अभिषेक शर्मा के साथ चैट मिली है, जिसमें 6 प्रतिशत कमीशन काटकर आंगड़िया के माध्यम से रुपये भेजे जाने की स्पष्टता के सबूत है। तो CA आदिल सैयद पर बिना पार्टी के खातों की जांच किए, ऑफिस गए बिना, पदाधिकारियों से मिले बिना फर्जी ऑडिट रिपोर्ट तैयार करके उसपर डिजिटल साइन करने का आरोप है।
- आयकर विभाग की दूसरी शिकायत गांधीनगर के CID क्राइम में अहमदाबाद के नाना चिलोड़ा के पते पर रजिस्टर्ड गरीब कल्याण पार्टी के खिलाफ दर्ज है। आयकर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर यतीश शशिकांत काले की शिकायत पर ग़रीब कल्याण पार्टी के अध्यक्ष नीरज कुमार क्षत्रिय, सेक्रेटरी धनंजय सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष धीरज कुमार क्षत्रिय, अभिषेक चंद्रप्रकाश तिवारी, प्रदीप सिंह परिहार, CA कुलदीपदान टापरिया, CA अशोक शाह और CA पंकज अग्रवाल के ख़िलाफ नामजद दर्ज की गई है।
- गरीब कल्याण पार्टी के खिलाफ दर्ज शिकायत के मुताबिक, साल 2022-23 से 2025-26 के बीच पार्टी के बैंक खातों में ₹206.76 करोड़ का डोनेशन दाताओं से हासिल किया। जिसे लेकर किसी प्रकार के असली बिल, वाउचर या हिसाब स्टोर नहीं रखें गए। आरोपियों ने मिलकर नकली डॉक्युमेंट्स बनाकर असली के तौर पर प्रस्तुत करके चुनाव आयोग के सामने गलत कंट्रीब्यूशन रिकॉर्ड (Form 24A) पेश करके सरकारी खजाने को करीब ₹62.02 करोड़ का नुकसान पहुंचाया।
- गांधीनगर के CID क्राइम में अहमदाबाद में रजिस्टर्ड गरीब कल्याण पार्टी के खिलाफ दर्ज शिकायत मुताबिक, गरीब कल्याण पार्टी के बैंक खातों में आने वाली रकम कृष्णा एंटरप्राइजेज, जलाराम एंटरप्राइजेज के बैंक खातों में हासिल करके अलग अलग लेयर में ट्रांसफर की जाती थी। बाद में सामान की खरीद दिखाने वाले नकली बिल तैयार किए जाते, बैंक से रकम निकाली जाती और 5 से 7 प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी रकम दाताओं को कैश लौटाये जाते थे।
- एफआईआर में कृष्णा एंटरप्राइजेज और जलाराम एंटरप्राइजेज के खातों में ₹1,295.76 करोड़ के क्रेडिट ट्रांजैक्शन का ज़िक्र है, जिसमें अन्य राजनीतिक पार्टियों, व्यक्तियों या संस्थाओं से जुड़े लेनदेन शामिल होने आशंका आयकर विभाग की तरफ से दर्शाई गई है।
- स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी: ₹519 करोड़ ला चंदा लिया, 8 से 9% कमीशन काटकर दाताओं को कैश लौटाया- तीसरी एफआईआर गांधीनगर के CID क्राइम में अहमदाबाद में रजिस्टर्ड स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी के खिलाफ आयकर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर मुक्तेंद्र कुमार ने दर्ज करवाई है। जिसमें टैक्स कंसल्टेंट मेहुलकुमार महेशकुमार खत्री, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र परसोतमप्रकाश तिवारी और CA मयूरसिंह चंदनसिंह राठौड़ के नाम बतौर आरोपी शामिल है।
- आयकर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर मुक्तेंद्र कुमार के मुताबिक, 14 जुलाई 2025 को टैक्स कंसल्टेंट मेहुल खत्री के ठिकाने पर सर्वे के दौरान मोबाइल और लैपटॉप से राजनीतिक डोनेशन देने वालों की सूची मिली थी। जिसमें डोनेशन की रकम वापस किए जाने की जानकारी मिली है। साल 2023-24 और 2024-25 में स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी के बैंक खाते में ₹519 करोड़ का दान हासिल हुआ। यह रुपये दाताओं से चेक या RTGS के जरिए ली गई। दाताओं को नकली डोनेशन रसीदें दी गईं और इसके आधार पर धारा 80GGC के तहत टैक्स कटौती का लाभ हासिल करके सरकार को 155 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
- दाताओं द्वारा स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी को मिलने वाले रुपये जय ट्रेडिंग कंपनी समेत कथित शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर करवाए जाते थे। जिसके बाद फर्जी खरीद दिखाने के लिए बिल बनाए जाते, बाद में बैंक से कैश निकाला जाता और 8 से 9 प्रतिशत कमीशन काटकर बाकी रकम मूल दाताओं को कैश लौटाई जाती थी।
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