चावल हमारे भारतीय थाली का अहम हिस्सा है। बिना चावल के भारतीय खानपान कभी पूरा नहीं हो सकता है। कुछ लोग तो चावल के अलावा कुछ और खाना पसंद नहीं करते है। लेकिन, क्या आप जानते हैं चावल के अलग अलग किस्में अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इस्तेमाल की जाती है। सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट और वेट लॉस स्पेशलिस्ट लीमा महाजन बता रही हैं कि डायबिटीज से लेकर हार्ट हेल्थ तक में कौन सा चावल खाना बेहतर माना जाता है।
किस बीमारी में कौन सा चावल खाएं?
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बासमती: डायबिटीज के मरीज अक्सर पूछते हैं कि वे कौन से चावल खा सकते हैं? अगर आपको डायबिटीज है या आप प्री डायबिटिक हैं और आप सफेद चावल का सेवन करना चाहते हैं तो बासमती राइस का विकल्प आपके लिए बेहतरीन हो सकता है। बासमती चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 50-58 तक होता है जिसे मध्यम से कम माना गया है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स चावल की किस्म, प्रोसेसिंग और पकाने के तरीके के साथ बदलता रहता है, इसलिए ये स्टडी की अनुमानित वैल्यू हैं। वहीं, नॉर्मल सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 70 से 90 तक होता है। इसलिए बासमती का विकल्प डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतरीन विकल्प है।
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सेला या पारबॉइल्ड राइस: पारबॉइल्ड राइस डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 39–46 के आसपस होता है जो कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स’ की श्रेणी में आता है।
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सोना मसूरी: सोना मसूरी चावल पाचन के लिए बेहतरीन माना गया ह क्योंकि इसमें स्टार्च कम होता है। हालांकि, अगर आप डायबिटीज, पीसीओडी के मरीज हैं या आपका इन्सुलिन रजिस्टेंट बढ़ा हुआ है तब आप इस चावल का सेवन न करें। क्योंकि सोना मसूरी चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 72 होता है जो हाई है।
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ब्राउन राइस: अगर आप कब्ज की समस्या रहती है तो अपनी डाइट में सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस को शामिल कर सकते हैं। इसमें सफेद चावल की तुलना में ज़्यादा फाइबर होता है, जो मल को नरम करने में मदद करता है। ब्राउन राइस में मैग्नीशियम भी पाया जाता है, जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। हालांकि,इसका सबसे बड़ा डिसएडवांटेज है इसमें मौजूद आर्सेनिक की मात्रा। इसलिए जब भी इस चावल का सेवन करें इसको 2–3 बार धोएं।
- लाल चावल: अगर आप चावल खाने के साथ अपनी बॉडी में मौजूद सूजन को कम करना चाहते हैं या हार्ट हेल्थ बेहतर करना चाहते हैं तो इस चावल को अपनी डाइट में शामिल करें क्योंकि इसमें एंटी ऑक्सीडेंट्स काफी मात्रा में पाया जाता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)








