कई लोगों के लिए कॉफी उनकी रोज़मर्रा की दिनचर्या का अहम हिस्सा होती है। सुबह की शुरुआत एक कप कॉफी के साथ ही होती है। सुबह की कॉफी फोकस और एनर्जी बढ़ाने का काम करती है। इसका मुख्य कारण कैफीन है, जो प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एक उत्तेजक पदार्थ है। संतुलित आहार के साथ कॉफी का सेवन किया जा सकता है, लेकिन इसकी मात्रा और इसे तैयार करने का तरीका बहुत मायने रखता है। लेकिन एक सवाल जो लोगों के मन में अक्सर आता है वो है कि एक दिन में कितनी कॉफी पीनी चाहिए। किरण दलाल, मुख्य आहार विशेषज्ञ, फोर्टिस हॉस्पिटल, फरीदाबाद बता रही है कि एक दिन में कितनी कॉफी पी जा सकती है।
एक दिन में कितनी कॉफी पिएं
ये कोई फिक्स नहीं है कि आपको इतनी ही कप कॉफी पीनी चाहिए। कॉफी में कैफीन की मात्रा उसके प्रकार, कप के आकार, बनाने के तरीके और गाढ़ेपन पर निर्भर करती है। इसके अलावा, हर व्यक्ति की कैफीन सहन करने की क्षमता भी अलग-अलग होती है। इसलिए ये कह पाना मुश्किल है कि एक दिन में कितनी कॉफी पी जाए।
कितनी मात्रा में कैफीन लेना सुरक्षित है?
अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन 400 मिलीग्राम तक कैफीन का सेवन सुरक्षित माना जाता है। कॉफी की मात्रा और गाढ़ेपन के आधार पर यह लगभग 3–4 सामान्य कप ब्रूड कॉफी के बराबर हो सकता है। हालांकि, केवल कपों की संख्या गिनना सही तरीका नहीं है। कैफे में मिलने वाली एक बड़ी कॉफी में घर पर बनी छोटी कॉफी की तुलना में काफी अधिक कैफीन हो सकता है।
यहां समझिए कॉफी की मात्रा से इसका असर
- ब्रूड कॉफी, 240 मिलीलीटर: लगभग 80–120 मिलीग्राम
- एस्प्रेसो, 30 मिलीलीटर: लगभग 60–75 मिलीग्राम
- इंस्टेंट कॉफी, 240 मिलीलीटर: लगभग 50–90 मिलीग्राम
- स्पेशलिटी या बड़े आकार की कैफे कॉफी: इसमें कैफीन की मात्रा काफी अधिक हो सकती है, खासकर यदि इसमें एस्प्रेसो के कई शॉट मिलाए गए हों।
इसलिए, केवल कॉफी के कप गिनने की बजाय पूरे दिन में ली गई कैफीन की कुल मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। कैफीन का प्रभाव भी हर व्यक्ति पर अलग होता है। कैफीन के प्रति संवेदनशील व्यक्ति को एक या दो कप कॉफी के बाद ही लक्षण महसूस हो सकते हैं, जबकि नियमित रूप से कॉफी पीने वाला व्यक्ति अधिक मात्रा को बिना किसी परेशानी के पी सकता है।
क्या ज्यादा कॉफी पीने से अधिक लाभ मिलता है?
ज़रूरी नहीं कि बहुत कॉफी पीना अधिक फायदेमंद हो। एक शोध में पाया गया है कि सीमित मात्रा में कॉफी पीना स्वास्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है। कैफीन कुछ समय के लिए सतर्कता और मानसिक कार्यक्षमता को भी बेहतर कर सकता है। लेकिन अपनी सहनशक्ति से अधिक कॉफी पीने से ज्यादा लाभ नहीं मिलता, बल्कि कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। कॉफी की न्यूट्रिशनल क्वालिटी भी महत्वपूर्ण है। इसमें मिलाई जाने वाली चीनी, फ्लेवर्ड सिरप, व्हिप्ड क्रीम, मीठा क्रीमर और अन्य चीजें इसकी कैलोरी और शुगर की मात्रा को काफी बढ़ा सकती हैं। इसलिए सादी कॉफी और अधिक चीनी व क्रीम वाली बड़ी स्पेशलिटी कॉफी पोषण की दृष्टि से बिल्कुल अलग पेय हैं।
ज्यादा कॉफी पीने के नुकसान
1. घबराहट और बेचैनी
ज्यादा कैफीन से कुछ लोगों को असामान्य बेचैनी, घबराहट या चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। विशेष रूप से कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को हाथ कांपने या अत्यधिक उत्तेजना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
2. नींद की समस्या
कैफीन शरीर में कई घंटों तक सक्रिय रह सकता है। दिन में देर से कॉफी पीने पर नींद आने में कठिनाई हो सकती है। इससे नींद की गुणवत्ता और अवधि भी प्रभावित हो सकती है। यदि कॉफी आपकी नींद को प्रभावित करती है, तो इसकी मात्रा कम करें या दिन में देर से कैफीन लेने से बचें।
3. दिल की धड़कन तेज होना
अधिक मात्रा में कैफीन लेने से कुछ लोगों की हार्ट रेट अस्थायी रूप से बढ़ सकती है। उन्हें दिल की धड़कन तेज होने, जोर-जोर से धड़कने या घबराहट जैसा महसूस हो सकता है। यदि कैफीन लेने के बाद बार-बार तेज धड़कन या गंभीर घबराहट महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।









