चाय के साथ भीगे बादाम और किशमिश खाती हैं कंगना रनौत, क्या आयुर्वेद के हिसाब से ऐसा करना सही है?

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा राजनीति को लेकर चर्चाओं में रहती हैं। कंगना खुद की फिटनेस पर भी खूब ध्यान देती हैं। 40 साल की उम्र में भी कंगना अपने बेहतरीन फिटनेस रूटीन की बदौलत शानदार फिगर मेंटेन किए हुए हैं। इसका राज उनकी हेल्दी डाइट में भी छुपा है। कंगना अपनी खान-पान की आदतों को लेकर काफी सख्त हैं। फैंस के साथ वो अपने फिटनेस रुटीन और डाइट के बारे में भी शेयर करती रहती हैं। 

चाय के साथ भीगे बादाम और किशमिश खाती हैं कंगना 

कंगना ने बताया कि वह सुबह पानी पीती हैं और फिर चाय के साथ अपने दिन की शुरुआत करती हैं। दिलचस्प बात यह है कि वह सुबह की कड़क चाय के साथ कुछ ऐसी चीज़ें लेती हैं जिनसे सेहत को बहुत फायदा होता है। वो चाय के साथ पानी में भिगोकर रखे गए किशमिश और बादाम भी खाती हैं। ये दोनों ही सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं। नियमित बादाम और किशमिश खाने से शरीर को स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। 

भीगी हुई किशमिश और बादाम खाने के फायदे

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर चंचल शर्मा के अनुसार, ये दोनों ही ड्राई फ्रूट्स जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। किशमिश में अच्छी मात्रा में डाइटरी फाइबर, आयरन और कैल्शियम होता है, जबकि बादाम हेल्दी फैट्स, विटामिन E और ज़बरदस्त एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत हैं। रात भर पानी में भिगोकर सुबह सिर्फ 4-5 बादाम और 4-5 किशमिश खाने से सेहत को कई शानदार फायदे मिलते हैं।

  • यह कब्ज़ से राहत दिलाएगा।
  • यह दिमाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करेगा।
  • यह शरीर में खून की कमी को रोकेगा।
  • यह त्वचा और बालों, दोनों को स्वस्थ रखेगा।
  • यह वज़न घटाने में मदद करेगा।
  • यह पाचन में सुधार करेगा।
  • यह नींद से जुड़ी समस्याओं को दूर करेगा।
  • यह कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करेगा।
  • यह हृदय स्वास्थ्य में सुधार करेगा।

आयुर्वेद में भीगे बादाम और किशमिश खाने के फायदे

डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद में बादाम और किशमिश (खासकर मुनक्का) का सेवन सबसे अच्छी ‘रसायन’ चिकित्साओं में से एक है। ये हमारे शरीर के त्रिदोषों यानि वात, पित्त और कफ को संतुलित करने का काम करते हैं। बादाम की तासीर गर्म होती है, जबकि किशमिश की तासीर ठंडी होती है। इसलिए इनके मेल से शरीर के तापमान और ऊर्जा में बेहतरीन संतुलन बना रहता है।

आयुर्वेदिक श्लोक और उनके अर्थ

बादाम (वातद) के लिए श्लोक

“वातद उष्णः सुस्निग्धो वातघ्नः शुक्रकृद्गुरुः।”

जिसका अर्थ है बादाम स्वभाव से गर्म और चिकने/तैलीय होते हैं। ये वात दोष को कम करते हैं, शुक्र धातु को बढ़ाते हैं और पचने में भारी होते हैं। इसलिए, आसानी से पचने के लिए इन्हें रात भर भिगोकर और छिलका उतारकर खाना चाहिए।

किशमिश/मुनक्का (द्राक्षा) के लिए श्लोक

“द्राक्षा वृष्या सारा स्वर्या मधुरा रक्तपित्तजित्; कषायमधुरा शीता हन्ति तृष्णाज्वरश्वसान्।”

इसका अर्थ है कि किशमिश/मुनक्का (द्राक्षा) कामोत्तेजक, लैक्सेटिव (मल त्याग में आसानी करने वाली), आवाज़ सुरीली करने के लिए फायदेमंद और स्वाद में मीठी होती है। ये रक्त-पित्त (रक्त की गर्मी और रक्तस्राव संबंधी विकार) को शांत करती हैं, स्वभाव से ठंडी होती हैं और अत्यधिक प्यास, बुखार और सांस की बीमारियों को दूर करती हैं।

ध्यान रखें: इस लेख में दिए गए सुझाव और सलाह केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह नहीं माना जाना चाहिए। कृपया कोई भी फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने या अपने आहार में बदलाव करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह लें। 

 

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Author: vatsalyanews

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