एक पंथ दो काज, मोरिंगा के पत्तों की चाय और पराठा दोनों एक बार में बनाएं, ऐसे करें सही इस्तेमाल

मोरिंगा को आयुर्वेद में दवा से ज्यादा गुणकारी माना जाता है। आपको आसानी से इसका पौधा मिल जाएगा, जिसे आप घर की बालकनी या कहीं बाहर लगा सकते हैं। बाजार से भी मोरिंगा के पत्ते खरीदकर इस्तेमाल कर सकते हैं। आज हम आपको मोरिंगा के पत्तों को एक नहीं बल्कि दो तरीके के इस्तेमाल करना बता रहे हैं। जी हां आप एक पंथ दो काज कर सकते हैं। पहले मोरिंगा के पत्तों की चाय बना सकते हैं और फिर उन्हीं पत्तों का इस्तेमाल पराठे बनाने या रोटी बनाने में किया जा सकता है। इससे आप कुछ भी वेस्ट नहीं करेंगे और मोरिंगा का सही इस्तेमाल कर पाएंग

एक पंथ दो काज

सबसे पहले आप ताजा मोरिंगा के पत्ते ले आएं। पत्तों को पानी से अच्छी तरह धो लें और उन्हें हल्का पानी निकलने के बाद चाकू की मदद से बारीक काट लें। अब मोरिंगा के पत्तों को अदरक कूटने वाले पत्थर या छोटी ओखली में पत्तों को कूट लें। इससे आप पत्तों का सही इस्तेमाल कर पाएंगे।

मोरिंगा की चाय-  अब एक पैन में 1 गिलास पानी डालें। इसमें करीब 1 मुट्ठी कटे हुए मोरिंगा के पत्तों को कूटकर पानी में डाल दें। पानी को 1 कप रहने तक पकाते रहें। जब पानी जलकर 1 कप रह जाए तो इसे छान लें। आप इसे ऐसे ही पी सकते हैं, अगर स्वाद बढ़ाना है तो इसमें थोड़ा नींबू, चाट मसाला और शहद मिलाकर भी पी सकते हैं। अब जो छन्नी में पत्ते बचें हैं उनका दूसरा इस्तेमाल कर सकते हैं। 

मेरिंगा के पराठे– अब मोरिंगा की चाय के बाद जो उबले हुए पत्ते बचें हैं उन्हें फेकने की बजाय आटे में गूथ लें। ये कटे हुए और उबले हुए पत्ते जरूरत के हिसाब से आटे में गूंथ लें। आटे में हल्का नमक डाल सकते हैं। आप चाहें तो इसमें अजवाइन और बेसन भी थोड़ा मिला सकते हैं। नरम आटा गूंथ लें और इसके पराठे या रोटी सेंक लें। इससे मोरिंगा के सारे पोषक तत्व आपको मिल जाएंगे। मोरिंगा के पत्तों में फाइबर होने की वजह से आपकी गट हेल्थ भी बेहतर होगी। 

इस तरह आप एक बार में ही मोरिंगा के पत्तों का दो तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपको मोरिंगा के पत्तों को फेंकना भी नहीं पड़ेगा और आप इनका बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे।  

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Author: vatsalyanews

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