मोरिंगा को रोजाना किसी न किसी तरह अपनी डाइट में शामिल करने की कोशिश करनी चाहिए। इसकी पत्तियां पोषक तत्वों से भरपूर हैं। मोरिंगा में शरीर के लिए जरूरी सभी विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आयुर्वेद में मोरिंगा के पत्ते, फलिया और तना का भी इस्तेमाल किया जाता है। मोरिंगा के पत्तों की चाय बनाकर पी सकते हैं या सुबह नाश्ते में मोरिंगा के पत्तों के पराठे बनाकर खा सकते हैं। मोरिंगा के पत्तों को काटकर बनाए गए पराठे खाने में पालक बथुआ के पराठे से ज्यादा टेस्टी और हेल्दी होते हैं। किसी को पता भी नहीं चलेगा कि आपने पराठे में मोरिंगा डालकर तैयार किया है। आप इसे पीसकर या काटकर दोनों तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। वैसे मोरिंगा के पत्तों को काटकर बनाए गए पराठे कहीं ज्यादा क्रिस्पी और स्वादिष्ट बनते हैं। आप इन्हें हरी चटनी या सॉस के साथ खा सकते हैं।
मोरिंगा के पत्तों के पराठे
पहला स्टेप- आपको इसके लिए मोरिंगा के ताजा पत्ते लेने हैं। पत्तों की मात्रा आप आटे और अपने स्वाद के हिसाब से कम ज्यादा रख सकते हैं। अब पत्तों को पहले अच्छी तरह से धो लें और पानी निकल जाने दें। पत्तों को अच्छी तरह से बारीक काट लें।
दूसरा स्टेप- एक बाउल में कटे हुए मोरिंगा के पत्तों को लें और उसमें थोड़ा नमक, हल्दी और लहसुन मिर्ची का पेस्ट, सफेद तिल, 1 चम्मच दही और 1 चम्मच ऑयल डालकर आटा मिलाएं। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सॉफ्ट आटा गूंथ लें, जिससे आसानी से पराठा बनाया जा सके।
तीसरा स्टेप- पराठे को और भी ज्यादा हेल्दी बनाने के लिए आप इसमें थोड़ा बेसन मिला सकते हैं। अब हल्का ऑयल लगाते हुए पराठे को अपनी पसंद की शेप में बेलकर सेंक लें। आप ऑयल नहीं खाना चाहते हैं तो इसे बिना तेल के सिर्फ रोटी जैसे सेंक लें। तैयार है स्वादिष्ट मोरिंगा का पराठा।
चौथा स्टेप- मोरिंगा पराठे को सुबह नाश्ते में दही के साथ, हरी चटनी के साथ या किसी भी सब्जी के साथ खा सकते हैं। बच्चों को भी मोरिंगा खिलाने के ये अच्छा तरीका है। इससे आपको अच्छी खासी फाइबर की मात्रा मिल जाएगी।









