SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेद होने की खबर सामने आई, जिस पर चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से सफाई भी दी गई। इसके बाद विपक्षी दल के नेता चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। इसी क्रम में लोकसभा में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने करारा हमला किया है।
राहुल गांधी बोले- ‘टाइम आएगा, हम आपको पकड़ेंगे’
राहुल गांधी अपने सोशल मडिया हैंडल X पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें लिखा है कि वोट की चोरी भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। इसे अंजाम देने वाले बीजेपी, आरएसएस और इलेक्शन कमीशन ने देशद्रोह का काम किया है। इंसाफ जरूर होगा। उन्होंने कहा, “मैं इलेक्शन कमीन और इलेक्शन ऑफिसर्स को साफ कह रहा हूं, आप जो कर रहे हो, गलत कर रहे हो… ये देश के खिलाफ है। ये मत भूलिए टाइम आएगा, हम आपको पकड़ेंगे। ये राजद्रोह है।”
केजरीवाल बोले- दिल्ली, हरियाणा के चुनाव कैंसिल किए जाएं
SIR और चुनाव आयोग को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स पर आम आदमी पार्टी के संयोजक (AAP) और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोई अकेला व्यक्ति चुनाव आयोग नहीं चला सकता है। दिल्ली, हरियाणा के चुनाव कैंसिल किए जाएं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और देशद्रोह का मुकदमा हो।
वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “जब चुनाव आयोग के अधिकारी इस तरह से काम करते हैं- सिर्फ़ 10 महीनों में 14 बार आधिकारिक नोटों में मुद्दे उठाए जाते हैं, तो कोई भी सोच सकता है कि चुनाव आयोग किसके इशारे पर काम कर रहा था। यह हमारे लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह है; यह उसे कमजोर करने की कोशिश है। जो संस्था निष्पक्ष होनी चाहिए थी, वह अब वैसी नहीं रही… सत्ता में बने रहने के लिए कौन इस तरह से एक संवैधानिक संस्था के साथ छेड़छाड़ कर रहा है? इसका मतलब है कि इस दौरान बनी सरकारें असंवैधानिक हैं।”
सिंघवी बोले- CEC ने अपने सहयोगियों को भी भ्रमित किया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सिर्फ देश को ही भ्रमित नहीं किया, उन्होंने अपने सहयोगियों को भी भ्रमित किया। उन्होंने इलेक्शन कमीशन को हाइजैक कर लिया।
रिपोर्ट में किया गया दावा?
बता दें कि ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर असहमति थी। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच दोनों आयुक्तों ने कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं। इन आपत्तियों में SIR के अलावा फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, मतदाता संबंधी फैसलों के खिलाफ अपील और चुनावी डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों आयुक्तों ने कुछ मामलों में सवाल उठाया कि फैसले और आदेश उनकी जानकारी के बिना कैसे जारी किए गए। इन आपत्तियों की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश को भी दी गई थी।
चुनाव आयोग की सफाई
वहीं, भारत निर्वाचन आयोग ने इन खबरों को खारिज कर दिया है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक, SIR से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और आयोग में किसी तरह का मतभेद नहीं है। आयोग के सूत्रों ने बुधवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की मंजूरी से सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं। ECI सूत्रों के मुताबिक, हालांकि किसी भी मुद्दे पर चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त की व्यक्तिगत राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन SIR सहित भारत निर्वाचन आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और इनमें दोनों चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त की सहमति रही है।
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