बहुत कम लोग जानते हैं कि मानसिक तनाव का प्रभाव नींद और मनोदशा से भी अधिक हमारे हृदय स्वास्थ्य पर पड़ता है। कभी-कभार तनाव होना सामान्य है, लेकिन अगर तनाव लंबे समय तक बना रहे, तो यह दिल की सेहत पर असर डाल सकता है। पंजाब की जानी-मानी होम्योपैथिक चिकित्सक, डायटिशियन एवं समग्र स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर कोमल भंगू ग्रेवाल कहती हैं कि लगातार तनाव के कारण शरीर में हाई ब्लड प्रेशर, सूजन और कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है और समय के साथ ये कारक हृदय रोग, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।
हृदय, तनाव से कैसे प्रभावित होता है?
जब आप बहुत ज्यादा तनाव लेते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे कुछ समय के लिए रक्तचाप और हृदय गति बढ़ सकती है। लेकिन, लंबे समय तक तनाव रहने पर धमनियों में सूजन, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
तनाव के संकेत कैसे पहचानें?
अगर आप लगातार तनाव में रहते हैं, तो छाती में कसाव या हल्का दर्द हो सकता है। खासकर, तनाव के दौरान, सांस लेने में परेशानी, नींद में दिक्कत, चिड़चिड़ापन की समस्याएँ जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं
तनाव को कैसे करें नियंत्रित ?
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रोजान करें वॉक: तनाव को कम करने के लिए रोजाना 30 मिनट तक वॉक करें। रोजाना चलने से स्ट्रेस हार्मोन कम होता है और हृदय को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। वॉक के साथ ही ध्यान, योग या कुछ मिनटों तक गहरी सांस लेने का अभ्यास आपके तंत्रिका तंत्र को धीमा कर सकता है जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
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अच्छी नींद है ज़रूरी: स्ट्रेस कम करने के लिए सबसे ज़रूरी है नींद ज़्यादा लें। अच्छी नींद लेने से शरीर को तनाव से उबरने में मदद मिलती है। इसलिए, रात में लगभग सात से आठ घंटे सोने का लक्ष्य बनाएं।
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हेल्दी डाइट: दिल की सेहत के लिए अपनी डाइट भी अच्छी करें। अपनी डाइट में आप फल, सब्जियां, साबुत अनाज और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। साथ ही जंक फूड्स, डिब्बाबंद फूड्, शुगरी ड्रिंक्स और कैफीन का अधिक सेवन न करें।
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पेशेवर की मदद लें: अगर आपको लगता है कि तनाव को नियंत्रित करना बहुत कठिन है, तो किसी चिकित्सक या पेशेवर से बात करना एक स्वस्थ और जिम्मेदार निर्णय है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)









