नरेश परमार. कर्जन, वडोदरा जिले के तालुका इलाके में सस्ते अनाज की दुकान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर आवाज उठी है। वडोदरा तालुका के केलनपुर गांव में एक सस्ते अनाज की दुकान में पिछले तीन महीने से गांव वालों को सड़ा हुआ अनाज दिए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस मुद्दे पर लोगों के हक की लड़ाई लड़ते हुए समाजसेवी विक्की श्रीमाली मौके पर पहुंचे और पूरे मामले में सरकार और संबंधित अधिकारियों की पोल खोली। गांव वालों ने पहले भी विरोध जताया था, लेकिन दुकान संचालक यह तर्क देकर अपनी जिम्मेदारी से बचता रहा कि ऐसा अनाज ऊपर से आता है। साथ ही, आरोप है कि दुकान नियमों और नीतियों का उल्लंघन करके चलाई जा रही है, जबकि जिस व्यक्ति के नाम पर दुकान का लाइसेंस है, वह मौके पर मौजूद ही नहीं है। गौरतलब है कि एक महीने पहले समाजसेवी विक्की श्रीमाली ने भी पादरा तालुका के सप्लाई डिपार्टमेंट के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उस समय करजण पुलिस ने पादरा गोदाम से करजण ले जाए जा रहे अनाज की मात्रा को जब्त किया था, जिसमें कुल 182 बोरी अनाज जब्त किया गया था। इस मामले में पादरा सस्ते अनाज की दुकान के मैनेजर समेत तीन लोगों की संलिप्तता सामने आई थी। अब केलनपुर गांव के इस मामले में सप्लाई डिपार्टमेंट की भूमिका भी संदिग्ध हो गई है। विक्की श्रीमाली ने संबंधित अधिकारी को फोन किया, लेकिन अधिकारी के फोन न उठाने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या आम जनता को सिर्फ दिखावे के लिए फोन नंबर दिया जाता है? विक्की श्रीमाली ने कहा कि अगर फोन पर बात नहीं हुई तो वह खुद अधिकारी से मिलकर लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे और गांववालों के हक की लड़ाई जारी रखेंगे। अब देखना यह है कि वडोदरा सप्लाई डिपार्टमेंट इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर एक बार फिर भ्रष्टाचार पर से पर्दा उठेगा।









