भारत के आसमान में जुटेंगे दुनिया के धुरंधर, F-35 से राफेल तक ने लगाई हाजिरी, ‘महाजंग’ की तैयारी पूरी

Highlights

  • जोधपुर में शुरू हुआ तरंग शक्ति युद्धाभ्यास, 40 से ज्यादा देशों की वायुसेनाएं होंगी शामिल।
  • अमेरिका के F-35, फ्रांस के राफेल और UAE के F-16 दिखाएंगे हवाई ताकत।
  • भारत राफेल, सुखोई-30, AEW&C और रिफ्यूलिंग टैंकरों के साथ लेगा हिस्सा।

नई दिल्ली/जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में शनिवार से भारत के बड़े बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ का दूसरा संस्करण शुरू हो गया। एयर फोर्स स्टेशन जोधपुर में होने वाले इस अभ्यास में 40 से ज्यादा देशों की वायुसेनाएं हिस्सा लेने वाली हैं। भारतीय वायुसेना ने जोधपुर पहुंचने वाले सभी विदेशी दलों का स्वागत किया है। यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा। बता दें कि भारतीय वायुसेना के युद्धाभ्यास को लेकर महीने की शुरुआत में ही NOTAM जारी हुआ था जिससे घबराए पाकिस्तान ने आपात बैठक बुला ली थी।

UAE, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देश होंगे शामिल

भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विदेशी दलों का स्वागत करते हुए कहा,

‘आसमान के पार से हमारे दोस्तों का जोधपुर पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत है। भारत में आपका स्वागत है, तरंग शक्ति में आपका स्वागत है।’

वायुसेना ने अपनी पोस्ट में UAE, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों का खास तौर पर जिक्र किया। इससे पहले शुक्रवार को फ्रांस की एयर एंड स्पेस फोर्स भी इस अभ्यास में शामिल होने के लिए जोधपुर पहुंच गई। फ्रांस के एयर डिफेंस एंड एयर ऑपरेशंस कमांड के डिप्टी कमांडर जूलियन सबेने ने कहा कि यह अभ्यास फ्रांस के लिए काफी महत्वपूर्ण है और इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी भी मजबूत होती है।

फ्रांस के 7 राफेल भारतीय वायुसेना के साथ उड़ेंगे

ANI से बातचीत में जूलियन सबेने ने कहा,

‘यह अभ्यास हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि हम समय पर यहां पहुंचने के लिए दुनिया के दूसरे हिस्से से आए हैं। PEGASE 26 मिशन के तहत हम दुनिया के दूसरे छोर से 4 जेट लेकर यहां पहुंचे हैं।’

जूलियन सबेने ने कहा कि भारत फ्रांस का एक महत्वपूर्ण वैश्विक रणनीतिक साझेदार है और फ्रांस यह दिखाना चाहता है कि वह भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सबेने के मुताबिक, फ्रांस इस अभ्यास में कुल 7 राफेल लड़ाकू विमान लेकर आएगा, जो भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर अभ्यास करेंगे।

114 राफेल विमानों की खरीद पर क्या बोले फ्रांसीसी अधिकारी?

भारत की ओर से 114 फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की योजना पर पूछे गए सवाल पर सबेने ने कहा कि भारत एक संप्रभु देश है और फ्रांस इस बात से खुश है कि भारत फ्रांस में बने राफेल विमानों को खरीद रहा है। उन्होंने कहा,

‘हम अपनी बेहतरीन कार्यप्रणालियों और अनुभवों को साझा करने की योजना बना रहे हैं। हम निश्चित तौर पर भारतीय विमानों के साथ फ्रांस में बने राफेल को मिलकर काम करते देखने के लिए उत्साहित हैं।’

अमेरिका के F-35 से UAE के F-16 तक दिखेगी ताकत

तरंग शक्ति अभ्यास में अलग-अलग देशों के कई आधुनिक लड़ाकू विमान और दूसरे हवाई संसाधन शामिल होंगे। अमेरिका 2 से 3 F-35 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान भेजने वाला है। वहीं, फ्रांस राफेल लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा लेगा और UAE अपने F-16 फाइटर जेट लेकर आएगा। कई दूसरे देश भी अभ्यास में अपने सपोर्ट विमान शामिल करेंगे। इनमें परिवहन विमान जैसे एयर एसेट भी शामिल हैं। इस दौरान अलग-अलग देशों की वायुसेनाएं एक-दूसरे के साथ काम करने, रणनीति साझा करने और संयुक्त हवाई अभियानों का अभ्यास करेंगी।

भारत भी उतारेगा राफेल और सुखोई-30

भारतीय वायुसेना भी अभ्यास में अपने प्रमुख लड़ाकू विमानों को उतारेगी। इनमें राफेल और सुखोई-30 जैसे फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय वायुसेना के AEW&C यानी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल विमान, परिवहन विमान और हवा में ही दूसरे विमानों में ईंधन भरने वाले एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर भी अभ्यास का हिस्सा होंगे। वायुसेना ने 2026 संस्करण की घोषणा करते हुए कहा कि ‘तरंग शक्ति’ भारत का प्रमुख बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास है, जिसमें दुनिया की अलग-अलग वायुसेनाएं एक साथ आकर बड़े स्तर पर संयुक्त सामरिक अभ्यास करेंगी। वायुसेना ने कहा कि इस दौरान अनुभवी और विशेष रूप से प्रशिक्षित पायलट आसमान में संयुक्त अभियान का अभ्यास करेंगे।

‘वीर गार्जियन’ के बाद अब तरंग शक्ति

जोधपुर एयरबेस पर होने वाला यह मेगा एयर एक्सरसाइज भारत और जापान के बीच हुए द्विपक्षीय हवाई युद्धाभ्यास ‘वीर गार्जियन’ के तुरंत बाद हो रहा है। वीर गार्जियन की मेजबानी भी जोधपुर एयरबेस ने की थी। ‘तरंग शक्ति’ का पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था। उस समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे साझेदार देशों के साथ सहयोग, समन्वय और आपसी भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया था। इस बार 40 से ज्यादा देशों की भागीदारी के साथ यह अभ्यास भारत के साथ विभिन्न देशों की वायुसेनाओं को एक साथ प्रशिक्षण और संचालन का अनुभव साझा करने का मौका देगा।

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Author: vatsalyanews

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