मानसून की विदाई के बाद भी यूपी-बिहार में क्यों सता रही बाढ़? सैलाब ने मचाई तबाही

उत्तर प्रदेश में मानसून अपने तय समय से 2 दिन पहले विदाई ले चुका है। बिहार में मानसून एक हफ्ते पहले ही वापस लौटने लगा है लेकिन बिहार से यूपी तक बाढ़ का प्रहार अब भी जारी है। नदियां उफान पर हैं। गांव डूब रहे हैं और शहरों में भी पानी घुस रहा है। यूपी और बिहार में मानसून की विदाई के बाद भी बाढ़ से आफत खत्म क्यों नहीं हो रही है और यूपी से लेकर बिहार तक पानी ने कैसे लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आइए इस खबर में जानते हैं।

खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं 10 नदियां

यूपी में पिछले 2 से 3 दिनों से बारिश नहीं हुई है लेकिन बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यूपी में बांधों से छोड़े गए पानी से 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। लखनऊ, गोंडा, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी और कानपुर समेत 11 जिले बाढ़ की चपेट में है। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गोमती नदी में पानी बढ़ने से कुछ इलाकों में बाढ़ आ गई है।

लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में भी भरा पानी

गोमती नदी में पानी बढ़ने से रिवर फ्रंट पानी पानी हो गया है और अब रिवर फ्रंट को अगले आदेश तक पब्लिक के लिए बंद कर दिया गया है। रिवर फ्रंट के साथ ही फूड वैली पर भी ताला लगाकर नोटिस चिपका दिया गया है। लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में तो इतना पानी भर गया है कि लोगों को एक जगह से दूसरी जगह तक जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने करीब 30 नावें चलाई हैं। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित इलाके में लोगों को खाना और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।

अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाने को मजबूर हुए लोग

बता दें कि गोमती नदी पीलीभीत से निकलती है और शाहजंहापुर से सीतापुर होते हुए लखनऊ आती है। इस बार बारिश ज्यादा होने और बांधों से पानी छोड़े जाने से नदी में पानी बढ़ गया है। फैजुल्लागंज में इतना पानी भर गया है कि लोगों को ग्राउंड फ्लोर छोड़कर ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट होना पड़ रहा है। लखनऊ के फैजुल्लागंज में हालात गंभीर हैं। करीब 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। 3 लाख लोग बुरी तरह प्रभावित हैं और 10 हजार से ज्यादा लोग इलाके को छोड़कर दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो गए हैं।

सामान्य से 8 फीसदी ज्यादा हुई बारिश

लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से ला मार्टिनियर कॉलेज के पास LDA का फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पानी में डूब गया है, जिसके चलते फ्लाईओवर को बनाने वाली कंपनी को काम रोकना पड़ा है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए और समय मांगा है। यूपी में मानसून तय समय से 2 दिन पहले यानी 3 अक्टूबर को लौट गया। यूपी में मानसून ने 12 दिन की देरी से 30 जून को एंट्री की थी। यानी इस साल यूपी में मानसून 95 दिनों तक एक्टिव रहा, और इस दौरान सामान्य से 8 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई। अब यूपी में मानसून भले समय से पहले विदाई ले ली हो, लेकिन यूपी में नदियों के उफान के चलते बाढ़ से राहत नहीं मिली है।

लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान तेज

लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान तेज हो गया है और पेड़ों के साथ मकान नदी में समाने लगे हैं। बाढ़ के कहर में नदी के पानी में लगातार लोगों के मकान समा रहे हैं। शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है। लखनऊ और लखीमपुर खीरी के साथ कानपुर में भी नदियों में उफान से परेशानी बढ़ गई है। कानपुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी के स्तर तक पहुंच गया है और बाढ़ का पानी इलाके के प्रमुख घाटों तक पहुंच गया है।

बिहार के 6 जिलों में बाढ़ से हाहाकार

यूपी के साथ ही बिहार में भी बाढ़ से हाहाकार मचा है। 6 जिलों में लोग बाढ़ की चपेट में हैं। बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंडक नदी में उफान और तटबंध टूटने से करीब 255 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। मुजफ्फरपुर, सारण, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और दरभंगा में करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। बाढ़ प्रभावित 6 जिलों में करीब 44 हजार लोग अपने घर छोड़ चुके हैं।

गंडक नदी ने लिया विकराल रूप

बिहार में गंडक नदी का जलस्तर विकराल हो गया है। नदी में उफान और कटान के चलते सैकड़ों घर जलसमाधि ले चुके हैं। सारण के मकेर, परसा, पानापुर और अमनौर में बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक 12 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही 20 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए NDRF और स्थानीय टीमें रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। वहीं, गोपालगंज के शीतलपुर में तटबंध टूटने से हालात और बिगड़ गए हैं और नदी का पानी ग्रामीण इलाकों में पहुंचने से लोगों की मुसीबत बढ़ गई है।

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Author: vatsalyanews

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