भारत ने चला ऐसा दांव कि रूस हुआ खुश, क्रेमलिन ने ‘भारतीय मित्रों’ को लेकर कह दी बड़ी बात

Highlights

  • यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की भारत की कोशिशों का रूस ने खुलकर स्वागत किया।
  • कीव ने भारत के प्रस्ताव को 4 शांति प्रस्तावों में सबसे व्यापक बताया।
  • पुतिन ने भी यूक्रेन समाधान पर पीएम मोदी के विचारों की जमकर तारीफ की।

मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच 4 साल से ज्यादा समय से जारी जंग को खत्म कराने की कोशिशों में भारत की भूमिका बढ़ती दिख रही है। रूस ने यूक्रेन संकट के समाधान के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को कहा कि भारत ने इस संकट को सुलझाने में व्यावहारिक योगदान देने की इच्छा जताई है। रूस ने इसके लिए भारत का आभार भी जताया है।

पेस्कोव बोले, ‘भारत के विचारों के लिए आभारी हैं’

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रमुख सहयोगियों में शामिल पेस्कोव से मीडिया रिपोर्टों पर सवाल पूछा गया था। रिपोर्टों में कहा गया था कि भारत ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए 3 हिस्सों वाला नया प्रस्ताव भेजा है। इस पर पेस्कोव ने कहा,

‘वास्तव में भारत यूक्रेन से जुड़े हालात को सुलझाने में व्यावहारिक योगदान देने की अपनी इच्छा जाहिर कर रहा है। हम अपने भारतीय मित्रों की इस इच्छा और उनके द्वारा दिए जा रहे विचारों के लिए आभारी हैं।’

यूक्रेन ने भी भारत के प्रस्ताव को बताया सबसे व्यापक

भारत के प्रस्ताव को लेकर यूक्रेन की तरफ से भी अहम बयान आया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने शुक्रवार को कहा कि कीव को शांति और युद्धविराम के लिए 4 प्रस्ताव मिले हैं। इनमें भारत का प्रस्ताव सबसे व्यापक है। बाकी प्रस्ताव तुर्किये, मिस्र और अमेरिका की तरफ से आए हैं। सिबिहा ने कीव में पत्रकारों से कहा कि यूक्रेन ऊर्जा क्षेत्र और काला सागर में युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन वह चाहता है कि दोनों चीजों को एक साथ शामिल किया जाए।

भारत का फोकस सिर्फ सलाह देने तक सीमित नहीं

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को कहा कि नई दिल्ली अब सिर्फ युद्ध खत्म करने की अपील तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ महीनों में भारत ने इस दिशा में अपने प्रयास बढ़ाए हैं और रूस तथा यूक्रेन, दोनों से बातचीत की है। जयशंकर के मुताबिक भारत का खास ध्यान काला सागर में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही, अनाज के निर्यात और ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर है। भारत लगातार कहता रहा है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।

पुतिन ने भी PM मोदी के विचारों की तारीफ की

भारत की भूमिका पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी पहले सकारात्मक बात कह चुके हैं। पिछले सप्ताह वाल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब की वार्षिक बैठक में पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास यूक्रेन संघर्ष के आपसी समाधान को लेकर ‘बहुत अच्छे विचार’ हैं। उन्होंने कहा कि मोदी हर मुलाकात में युद्ध खत्म करने का मुद्दा उठाते हैं और इसमें लगातार गहरी दिलचस्पी लेते हैं। पुतिन ने कहा कि मोदी ऐसे विश्व नेताओं में शामिल हैं जो युद्ध खत्म करने के सवाल को लगातार उठाते हैं।

BRICS बैठक से पहले मोदी-पुतिन की हुई थी बातचीत

पिछले महीने नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बातचीत हुई थी। इस दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री को यूक्रेन संघर्ष की स्थिति और शांति के लिए चल रही पहलों की जानकारी दी थी। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब भारत रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। भारत ने लगातार दोनों पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखा है और युद्ध के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को रास्ता बताया है।

रूस पहले भी भारत की शांति कोशिशों का कर चुका है स्वागत

भारत की पहल पर रूस का यह पहला सकारात्मक बयान नहीं है। पिछले महीने भी पेस्कोव ने कहा था कि रूस यूक्रेन संघर्ष खत्म कराने के लिए भारत की शांति कोशिशों का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा था कि बातचीत और कूटनीति पर भारत का जोर रूस के रुख के अनुरूप है। अब पेस्कोव ने भारत की ओर से व्यावहारिक योगदान देने की इच्छा का स्वागत करके यह संकेत दिया है कि मॉस्को नई दिल्ली की कोशिशों को महत्व दे रहा है। (PTI से इनपुट्स के साथ)

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Author: vatsalyanews

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