“तमिलनाडु खून के दलदल में फंस गया”, स्टालिन का CM विजय पर हमला, कहा- फिल्म शूटिंग मोड से बाहर निकलें

तमिलनाडु में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर तीखा हमला बोला है। स्टालिन ने आरोप लगाया कि राज्य में लोगों की सुरक्षा खतरे में है और तमिलनाडु ‘खून से सना’ हुआ है।

स्टालिन ने मुख्यमंत्री से ‘फिल्म शूटिंग मोड’ से बाहर निकलकर कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हत्या समेत अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार को स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए। अपने बयान में पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या पुलिसकर्मी नियमित गश्त कर रहे हैं या नहीं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। 

“दिन-रात हो रही हैं अपराध की घटनाएं”

स्टालिन ने ‘सिंगापेन’ विशेष बल के जवानों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या ये कर्मी सोशल मीडिया पर रील बनाने में रुचि दिखाने के बजाय महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान नहीं देंगे। स्टालिन ने कहा कि राज्य में दिन-रात बिना किसी अंतर के अपराध की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है और तमिलनाडु खून के दलदल में फंस गया है।

गृह विभाग भी CM विजय के पास

डीएमके प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय के पास गृह विभाग भी है और उन्हें मौजूदा हालात की गंभीरता को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब बहाने बनाने का समय खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री को तत्काल कदम उठाने चाहिए। स्टालिन ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि वह “फिल्म शूटिंग मोड से बाहर निकलें और कार्रवाई करें।”

क्या गिर जाएगी विजय की सरकार?

बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की और अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाई। इसके बाद डीएमके सत्ता से बाहर हो गई और विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि, सरकार बनने के कुछ ही समय बाद डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दावा किया कि विजय के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी। चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान स्टालिन ने कहा कि सरकार उन दलों के समर्थन से चल रही है, जो हालिया चुनाव तक डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थे।

स्टालिन ने दावा किया था कि TVK के पास स्वतंत्र रूप से स्थिर सरकार चलाने के लिए पर्याप्त जनादेश नहीं है, क्योंकि पार्टी 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार कुछ राजनीतिक दलों के रणनीतिक गठबंधन और समर्थन के कारण चल रही है। चुनाव परिणाम के मुताबिक, TVK को 108, डीएमके को 59 और AIADMK को 47 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस समेत अन्य दलों के खाते में 20 सीटें गईं। कांग्रेस चुनाव से पहले डीएमके गठबंधन में थी, लेकिन परिणाम आने के बाद उसने TVK को समर्थन दे दिया।

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Author: vatsalyanews

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