टाटा संस की वित्तीय सेवा इकाई टाटा कैपिटल और ऑडियो एवं वियरेबल ब्रांड बोट की मूल कंपनी इमेजिन मार्केटिंग ने कॉन्फीडेंशियल फाइलिंग रूट के माध्यम से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) सौंपे…
टाटा संस की वित्तीय सेवा इकाई टाटा कैपिटल और ऑडियो एवं वियरेबल ब्रांड बोट की मूल कंपनी इमेजिन मार्केटिंग ने कॉन्फीडेंशियल फाइलिंग रूट के माध्यम से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) सौंपे हैं। दोनों कंपनियों ने सोमवार को अलग-अलग अखबारों में विज्ञापन देकर इसकी घोषणा की।
इस प्रक्रिया के तहत लोगों को आईपीओ की जानकारी नहीं बताई जाती है। लेकिन खबरों में अनुमान जताया गया है कि टाटा कैपिटल का आईपीओ लगभग 2 अरब डॉलर का है जबकि बोट का 25 करोड़ डॉलर से अधिक का हो सकता है। दोनों आईपीओ में ताजा इक्विटी जारी करने और सेकंडरी शेयर बिक्री शामिल किए जाने की संभावना है।
फरवरी में टाटा कैपिटल के बोर्ड ने आईपीओ और राइट्स इश्यू की योजनाओं को मंजूरी दी थी। यह लगभग दो दशक में टाटा समूह की किसी कंपनी का दूसरा आईपीओ होगा। इससे पहले 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज और 2004 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के आईपीओ आए थे। शुरुआती नियामकीय जानकारी के अनुसार टाटा कैपिटल के आईपीओ में 23 करोड़ इक्विटी शेयर (10 रुपये की फेस वैल्यू) का नया निर्गम और मौजूदा शेयरधारकों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) शामिल होगी।
इसके साथ ही कंपनी ने राइट्स इश्यू के जरिये 1,504 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस राइट्स इश्यू को उसकी 93 फीसदी की मालिक टाटा संस पूरी तरह से सब्सक्राइब करेगी। यह लिस्टिंग आरबीआई के आदेश के अनुरूप है जिसके अनुसार ‘अपर लेयर’ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को सितंबर तक सूचीबद्ध होने की जरूरत है।
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