कोलकाता में थापा का ऐतिहासिक गोल, उरुग्वे ने 6 गोल दागकर भारतीय टीम को दी करारी शिकस्त

कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में भारतीय फुटबॉल टीम के लिए मंगलवार की रात यादों और निराशा का मिला-जुला रंग लेकर आई। अनिरुद्ध थापा ने दो बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ गोल करके भारतीय फुटबॉल के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया, लेकिन उनकी यह शानदार कोशिश टीम को बड़ी हार से नहीं बचा सकी। उरुग्वे ने दूसरे हाफ में पूरी तरह दबदबा कायम करते हुए भारत को 6-1 से हरा दिया।

भारत की ओर से थापा ने 22वें मिनट में गोल किया। इससे पहले उरुग्वे के स्टार स्ट्राइकर डार्विन नुनेज ने 11वें मिनट में पेनल्टी पर गोल कर मेहमान टीम को बढ़त दिला दी थी। भारत ने थापा के गोल से मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया, लेकिन इसके बाद उरुग्वे ने लगातार हमले किए और भारतीय डिफेंस को संभलने का ज्यादा मौका नहीं दिया।

मैक्सिमिलियानो अराउहो ने दागे 2 गोल

मैक्सिमिलियानो अराउहो उरुग्वे की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने 29वें और 59वें मिनट में दो गोल किए। इसके अलावा रोड्रिगो सालाजार ने 53वें, जेएम सैनाब्रिया ने 71वें और रोड्रिगो अगुइरे ने 87वें मिनट में गोल करके उरुग्वे की जीत को 6-1 कर दिया। हालांकि, मैच का सबसे खास पल भारत के लिए थापा का गोल रहा। उरुग्वे के गोलकीपर थियागो कार्डोजो ने रयान विलियम्स के शॉट को रोकने की कोशिश की, लेकिन गेंद थापा के पास पहुंच गई। भारतीय मिडफील्डर ने बिना कोई गलती किए रिबाउंड को गोल में पहुंचा दिया। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के 37307 दर्शकों की ओर देखकर जश्न मनाया। कुछ देर के लिए भारत ने दो बार के वर्ल्ड चैंपियन के खिलाफ मुकाबले को बराबरी पर ला दिया था।

थापा ने रचा इतिहास

थापा का यह गोल इसलिए भी खास रहा क्योंकि उरुग्वे के खिलाफ किसी सीनियर इंटरनेशनल मुकाबले में गोल करने वाले वह सिर्फ दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह उपलब्धि मानस भट्टाचार्य के नाम थी। उन्होंने 1982 के नेहरू कप में ईडन गार्डन्स पर उरुग्वे के खिलाफ भारत की 1-3 की हार में गोल किया था। 

भारत ने शुरुआती मिनटों में भी उरुग्वे को चुनौती देने की कोशिश की। छठे मिनट में आकाश मिश्रा के लंबे थ्रो पर भारतीय टीम को मौका मिला, जबकि कुछ ही देर बाद एडमंड लालरिंदिका गोल करने के करीब पहुंचे। हालांकि उरुग्वे की मजबूत डिफेंस लाइन ने उन्हें रोक दिया। उरुग्वे को पहली बढ़त पेनल्टी से मिली। प्रामवीर के फेडेरिको विनास को पेनल्टी एरिया में रोकने के प्रयास को रेफरी ने फाउल माना और नुनेज ने 11वें मिनट में गुरप्रीत सिंह संधू को छकाते हुए गेंद गोल में डाल दी। भारत ने इसके बाद लगातार जवाबी हमले किए और थापा के गोल से बराबरी भी हासिल कर ली।

इसके बाद मौसम ने भी मुकाबले में खलल डाला। 27वें मिनट में बिजली चमकने और खराब मौसम के कारण खेल करीब आधे घंटे तक रुका रहा। खेल दोबारा शुरू होते ही उरुग्वे ने भारत पर दबाव बढ़ाया और अराउहो ने करीब से गोल करके अपनी टीम को फिर आगे कर दिया।

दूसरे हाफ में दिखा उरुग्वे का दबदबा

दूसरे हाफ में उरुग्वे ने भारत को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। सालाजार ने 53वें मिनट में तीसरा गोल किया और छह मिनट बाद अराउहो ने अपना दूसरा गोल दाग दिया। भारत ने कुछ अच्छे हमले जरूर किए। लालेनगमाविया का शॉट लक्ष्य से थोड़ा ऊपर चला गया, जबकि मोहम्मद सनान के प्रयास को कार्डोजो ने शानदार तरीके से बार के ऊपर पहुंचा दिया।

इसके बाद उरुग्वे के काउंटर अटैक ने भारत की परेशानी और बढ़ा दी। सैनाब्रिया ने 71वें मिनट में गोल किया और मैच खत्म होने से कुछ मिनट पहले अगुइरे ने शानदार शॉट के साथ उरुग्वे का छठा गोल पूरा कर दिया। इस हार के साथ भारत का तीन मैचों का इंटरनेशनल विंडो अभियान खत्म हुआ। टीम ने पनामा के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला, जबकि ब्राजील और उरुग्वे के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा।

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Author: vatsalyanews

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